NEP 2020 / 2025
Everything we do starts with why
Made with care
We believe in building better
A team with a goal
Real people making great products
Reliable shipping
Flexible returns
जलियाँवाला बाग में हुआ नर-संहार इतिहास का अटूट अंग है। उस दिन हजारों निःशस्त्र भारतीयों का नृशंस रक्तपात हुआ। उसके बाद मार्शल लॉ आरोपित हुआ। यदि जलियाँवाला बाग कांड फाँसी के सदृश था तो उसके बाद का अध्याय कालापानी से कम नहीं था। वह कुकांड भारत के आधुनिक इतिहास का एक ऐसा प्रकरण है, जिसे सरलता से भुलाया नहीं जा सकता, भूलना भी नहीं चाहिए। कालापानी की तरह इसकी याद भी हमारी एक दुखनेवाली नस को निरंतर दबाती है। जलियाँवाला बाग नर-संहार तो एक विरला ही दुःख है। यद्यपि इस विषय पर अंग्रेजी में थोड़ा-बहुत लिखा गया है; परंतु हिंदी व प्रांतीय भाषाओं के लेखकों का ध्यान इस कांड से संबद्ध प्रकरणों अथवा उनके विवेचन की ओर शायद ही गया हो। किंतु हिंदी में पहली बार यह काम किया गया है। अंग्रेजों ने इस नर-संहार की घटना पर परदा डालने के जी-तोड़ प्रयत्न किए। और इसमें वे पूर्णतया असफल भी नहीं रहे। कालांतर में जो थोड़ा-बहुत लिखा गया, वह अंग्रेजी कलम से था। कई तथ्यों का पता स्वतंत्रता के दशकों पश्चात् लगा। उन्हीं तथ्यों को इस पुस्तक में समग्रता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। पाठकगण इसमें दी गई अनेक उत्पीड़क एवं रोमांचकारी घटनाओं तथा विवरणों को चाव से पढ़कर उनमें निहित मर्म को विचारोत्पादक पाएँगे|
Everything we do starts with why
We believe in building better
Real people making great products