{"product_id":"nirmal-verma-ki-lokpriya-kahaniyan","title":"Nirmal Verma Ki Lokpriya Kahaniyan","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eनिर्मल वर्मा आधुनिक हिंदी कहानी के उन बिरले कथाकारों में से हैं, जिनकी प्रायः हर रचना कालजयी व लोकप्रिय रहती आई है। उनकी प्रसिद्ध एवं अतिप्रसिद्ध कहानियों में से केवल कुछ को इस संकलन के लिए रख पाना एक चुनौती थी और इसे अंजाम दिया लेखक-पत्नी एवं स्वयं लेखिका गगन गिल ने।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eनिर्मल वर्मा को युवा पाठकों का भरपूर प्रेम मिला है और प्रौढ़ पाठकों का भी। वे आधुनिक भारत के उन थोड़े से लेखकों में हैं, जिन्हें अंग्रेजीदाँ लोगों ने भी उसी चाव से पढ़ा, जितना कस्बाई पाठकों ने। दार्शनिकों, साधकों और रंगकर्मियों ने उतना ही, जितना रेस्तराँ के बैरों, पुलिस-कर्मियों और कबाड़ीवालों ने। निश्चित ही कुछ आत्म-बिंब उन सब पाठकों को इस लेखन में मिलते होंगे।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan\u003eयह संग्रह उन्हीं भिन्न छवियों को प्रस्तुत करने की चेष्टा है। अकेलेपन और अलगाव से रँगे इस संसार में कई पात्र इन कहानियों में मिलते हैं—ज्वरग्रस्त बच्चे, नाराज बूढ़े, बेरोजगार नौजवान, एकालाप करती स्त्रियाँ और पुरुष। जैसे वे सब किसी संधिस्थल पर रह रहे हों—न भीतर, न बाहर—किसी दहलीज पर। आशा है, यह पुस्तक सुधी पाठकों की साहित्यिक प्यास जगाएगी और बुझाएगी भी।.\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Mohit Publishers and Educational Aids","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48175034695925,"sku":"62994","price":212.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0755\/3099\/3909\/files\/524.webp?v=1779364546","url":"https:\/\/www.mohitpublishers.com\/products\/nirmal-verma-ki-lokpriya-kahaniyan","provider":"Mohit Publishers and Educational Aids","version":"1.0","type":"link"}